16 अगस्त को कोस्टा रिका की राजधानी सैन होज़े में प्रेम रावत ने सामुदायिक नेताओं के साथ मिलकर लैटिन अमेरिका में शांति शिक्षा कार्यक्रम के विस्तार का स्वागत किया।
पूरी दुनिया में 6 लाख से ज़्यादा लोग शांति शिक्षा कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं। यह कार्यक्रम लोगों को चयन करने की क्षमता, आशा और गरिमा जैसी आंतरिक शक्तियों को पहचानने में मदद करता है। प्रेम रावत की संस्था द प्रेम रावत फाउंडेशन (टीपीआरएफ) ने इस पाठ्यक्रम को 45 भाषाओं और 80 से अधिक देशों में निःशुल्क उपलब्ध कराया है। सैन होज़े में हुए कार्यक्रम में प्रेम रावत ने तीन गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ समझौते किए, ताकि मध्य और दक्षिण अमेरिका की और भी समुदायों तक यह कार्यक्रम पहुँच सके। ये संगठन हैं: होंडुरास की फाउंडेशन लिक्वीदम्बार, कोस्टा रिका की अनबाउंड और कोलंबिया कीला असोसिएशन उना पॉसिबिलिदाद।
सैन होज़े में आयोजित कार्यक्रम का वीडियो देखने की जानकारी के लिए टीपीआरएफ न्यूज़लेटर से जुड़े रहें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए, कोस्टा रिका के पत्रकार मार्सेलो कास्त्रो ने इन समझौतों को “लैटिन अमेरिका में शांति के बढ़ते प्रयासों को मज़बूत और आगे बढ़ाने वाला अहम कदम” बताया |
“आज के कार्यक्रम का अनुभव बहुत शानदार रहा। समझौते पर हस्ताक्षर करना मेरे लिए गर्व की बात थी—प्रेम जी और उनके वैश्विक कार्यों के बीच वहाँ होना बहुत खास था। यह महासागर में एक बूंद जैसा है, लेकिन हमें खुशी है कि हम भी अपनी तरह से योगदान कर रहे हैं,” फ़ाउंडेशन लिक्वीदम्बार की संस्थापक और अध्यक्ष पामेला आयुसो ने कहा।

प्रेम रावत ने 100 से अधिक देशों में करोड़ों लोगों को संबोधित किया है, और कोस्टा रिका में यह उनका पहला संबोधन था। शांति शिक्षा कार्यक्रम में उनके अंतरराष्ट्रीय सबोधनोंऔर वार्ताओं के वीडियो अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर भी उन्होंने आत्म-जागरूकता, व्यक्तिगत शांति और जीवन में आनंद के महत्व पर ज़ोर दिया।
प्रेम रावत ने कोस्टा रिका में कहा, “प्रत्येक मनुष्य को अपने अंदर की भावनाओं के अनुसार जीना पड़ता है।”
“आनंद और खुशी एक नहीं हैं। आनंद भीतर से आता है और अपने आप में संतुष्ट होने का अनुभव है। खुशी दूसरों पर टिकी रहती है। आनंद आपके हालात या उम्मीदों पर नहीं, बल्कि आप पर निर्भर करता है। इसलिए आनंद में रहो।”
16 अगस्त को किए गए समझौते इस बात का प्रमाण हैं कि टीपीआरएफ इन तीन संगठनों को शांति शिक्षा कार्यक्रम लागू करने में पूरा सहयोग देगा। इसके अंतर्गत कार्यक्रम की सामग्री उपलब्ध कराना, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देना और लगातार सहयोग करना शामिल है।

टेगुसिगाल्पा, होंडुरास में स्थित ला फ़ाउंडेशन लिक्वीदम्बार एक एनजीओ है, जो शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और समाजहित से जुड़े विकास कार्यों का समर्थन करता है। यह संस्था शांति शिक्षा कार्यक्रम को अपने कर्मचारियों के बीच लागू करती है ताकि सम्मान और शांति की संस्कृति विकसित हो। इसके अलावा, राष्ट्रीय कारागार संस्थान के साथ समझौते के जरिए यह कार्यक्रम जेलों में भी चलाया जाता है। इस पहल से कैदियों को प्रशिक्षित होकर कार्यक्रम के संचालक बनने का अवसर मिलता है, जिससे जेल सुधार प्रणाली में इसका प्रभाव और बढ़ जाता है।
“मैं उन सभी संगठनों का आभार व्यक्त करना चाहती हूँ जिन्होंने इस सपने का साथ दिया, क्योंकि यह किसी और बात का नहीं बल्कि सिर्फ़ शांति का सपना है—होंडुरास में शांति देखने का और दुनिया में शांति देखने का,” लिक्वीदम्बार की अध्यक्ष आयुसो ने कहा।
दूसरा संगठन अनबाउंड कोस्टा रिका के हेरेडिया शहर में है।
यह संस्था युवाओं, बुजुर्गों और वंचित परिवारों की मदद करती है ताकि कमजोर समुदाय सम्मान के साथ जीवन जी सकें। अनबाउंड के सभी कर्मचारियों के लिए शांति शिक्षा कार्यक्रम पहले ही आयोजित किया जा चुका है, जिससे शांति और अहिंसक तरीके से विवाद सुलझाने की संस्कृति विकसित हो। आगे का उद्देश्य है कि यह कार्यक्रम उन सभी वंचित समुदायों तक पहुँचाया जाए, जिनकी सेवा यह संस्था करती है।

“आज हमें द प्रेम रावत फाउंडेशन के साथ समझौता करने का मौका मिला, जो हमारे लिए बहुत रोमांचक है,” अनबाउंड की कोऑर्डिनेटर कैरोलिना कोरडेरो ने कहा। “हम कई अलग-अलग समूहों के साथ काम करते हैं—युवा, बुज़ुर्ग, माताएँ, घर की ज़िम्मेदारी उठाने वाले, छात्र—और हमारा मकसद है कि हम इन सब तक पहुँचें। उसके बाद, हम इस कार्यशाला को अपने कार्यक्रम से जुड़े सभी परिवारों तक भी ले जाना चाहते हैं।
तीसरा संगठन, जिसने टीपीआरएफ के साथ समझौता किया, ला असोसिएशन ऊना पॉसिबिलिदाद है। यह मेडेलिन, कोलंबिया की एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसे खासतौर पर टीपीआरएफ कार्यक्रमों को सहयोग देने के लिए बनाया गया था। 2024 में ऊना पोसिबिलिदाद ने राष्ट्रीय कारागार एवं जेल संस्थान (INPEC) में शांति शिक्षा कार्यक्रम चलाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इस सहयोग से अब तक 1,000 से अधिक लोग—कैदी और INPEC की कस्टडी व निगरानी टीम के सदस्य—कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं। अब ऊना पोसिबिलिदाद का उद्देश्य INPEC के साथ एक औपचारिक समझौता करना है, ताकि शांति शिक्षा कार्यक्रम को कोलंबिया की 125 जेलों में लागू किया जा सके।
INPEC के कार्यवाहक महानिदेशक डैनियल फर्नांडो गुटिएरेज़ रोजास ने प्रेम रावत को लिखे एक धन्यवाद पत्र में कहा कि मार्च 2024 से 23 जेलों में लागू यह कार्यक्रम “मूल्य-आधारित प्रशिक्षण, आत्मचिंतन और आत्म-जागरूकता के ज़रिए कैदियों को मानवीय दृष्टिकोण देने, आपसी सहअस्तित्व को बढ़ावा देने और जेलों में शांति लाने में मददगार रहा है।”
हस्ताक्षर कार्यक्रम में कोस्टा रिका के कलाकार जुआन कार्लोस चावार्रिया ने प्रेम रावत को एक कलाकृति भेंट की, जो पुराने हथियारों की सामग्री से बनाई गई थी। इसमें एक जलती हुई मोमबत्ती दिखाई गई है, जिसे चावार्रिया ने “शांति का प्रतीक” कहा।

टीपीआरएफ़ के साथ प्रेम रावत का काम सिर्फ शांति शिक्षा कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। वे फूड फ़ॉर पीपल जैसी मानवीय पहल भी चला रहे हैं, जिसके तहत भारत, घाना, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका के हज़ारों बच्चों को अब तक 75 लाख से अधिक पौष्टिक भोजन और शिक्षा के अवसर मिले हैं। इसके अलावा, वे लोगों को जीवन को बेहतर ढंग से जीने में मदद करने के लिए अपनी किताबें, वीडियो संदेश, पॉडकास्ट और शांति पर आधारित अन्य पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराते हैं।







