लॉन्च के मात्र एक वर्ष से कुछ अधिक समय में, द प्रेम रावत फाउंडेशन (टीपीआरएफ) के फूड फॉर पीपल कार्यक्रम ने दक्षिण अफ्रीका में एक असाधारण उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम ने केप फ्लैट्स क्षेत्र में जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को अपना दस लाखवाँ पौष्टिक भोजन परोसा। इस उपलब्धि को टीपीआरएफ द्वारा नीचे साझा किए गए एक आनंदमय नए वीडियो में दर्शाया गया है।

संघर्ष से उम्मीद तक
केप टाउन के बाहरी क्षेत्र में फैला केप फ्लैट्स लंबे समय से सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों और खाद्य असुरक्षा का सामना करता रहा है। अब यह पोषण और आशा के एक जीवंत केंद्र का घर बन गया है। कार्यक्रम की रसोई 2024 के अंत में केप फ्लैट्स से सटे समुदाय एपिंग में खोली गई। उस सौभाग्यपूर्ण क्षण से ही स्थानीय कर्मचारियों ने स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में भोजन तैयार करके वितरित करना शुरू कर दिया।
अविश्वसनीय रूप से, यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संचालन के पहले ही वर्ष में हासिल कर ली गई, जो दुनिया भर के उदार सहयोगको समर्पित एक श्रद्धांजलि है।
इन योगदानों ने अत्यधिक आवश्यकता वाले एक समुदाय के हृदय में ‘फूड फॉर पीपल’ के लिए प्रेम रावत की दृष्टि को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दक्षिण अफ्रीका में इस कार्यक्रम का विस्तार भारत, घाना और नेपाल में मिली उल्लेखनीय सफलताओं की प्रेरणा से हुआ।
वर्तमान में, सभी केंद्रों पर परोसे गए पौष्टिक भोजन की कुल संख्या 8.5 मिलियन (85 लाख) से अधिक हो चुकी है।
टीपीआरएफ द्वारा जारी किए गए वीडियो में, समर्थक दक्षिण अफ्रीकी सुविधा केंद्र में तैयार किए जा रहे भोजन से कहीं अधिक देखते हैं: वे उन बच्चों के चेहरे देखते हैं जिनके जीवन को छुआ जा रहा है – एक समय में एक प्याला।
भोजन से आगे
विशेष रूप से, ‘जन भोजन’ कार्यक्रम केवल भोजन ही नहीं देता; यह नए अवसर भी प्रदान करता है। जब बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन मिलता है, तो वे सीखने, ध्यान केंद्रित करने और आगे बढ़ने के लिए तैयार होकर कक्षा में लौटते हैं। परिवारों को रोज़मर्रा की भूख के बोझ से राहत मिलती है, जिससे उन्हें शिक्षा, रोजगार और भविष्य की योजना बनाने के लिए समय और ऊर्जा प्राप्त होती है। इन सकारात्मक प्रभावों की लहरें पूरे समुदाय को सशक्त बनाती हैं।
केप फ्लैट्स में जन भोजन कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता समुदाय के साथ इसका गहरा जुड़ाव है। रसोई टीम में स्थानीय निवासी शामिल हैं, जिनमें से कुछ ने टीपीआरएफ के शांति शिक्षा कार्यक्रम की मदद से अपना जीवन बदल दिया है। ये स्थानीय कर्मचारी और स्वयंसेवक अब सम्मान और देखभाल के साथ भोजन तैयार करने और वितरित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। टीपीआरएफ का स्थानीय सहयोगी संगठन प्रेम उबंटू के साथ सहयोग यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि भोजन स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों के अनुकूल हो।
यह समग्र दृष्टिकोण केवल शारीरिक पोषण ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सशक्तिकरण और आत्मसम्मान को भी मजबूत करता है।
भोजन की शक्ति: जीवन परिवर्तन
टीपीआरएफ के संस्थापक प्रेम रावत ने कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर इस बात पर जोर दिया कि भोजन उपलब्ध कराना कितना गहरा बदलाव ला सकता है। ‘फूड फॉर पीपल’ कार्यक्रम गरीबी के चक्र को तोड़ने की संभावना प्रदान करता है। जब वंचित समुदायों को उनकी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिलता है, तो उनके भीतर गरिमा, स्वास्थ्य और आशा फिर से जागृत होती है—और वे एक उज्ज्वल व सकारात्मक भविष्य गढ़ने की शक्ति प्राप्त करते हैं।
केप फ्लैट्स में दस लाख भोजन का पड़ाव केवल आँकड़ों की उपलब्धि से कहीं अधिक है । यह सामुदायिक दृढ़ता, सामूहिक उदारता और इस सच्चाई का उत्सव है कि मानवीय मूलभूत आवश्यकताओं की देखभाल एक बेहतर आशाजनक भविष्य के निर्माण में कितना गहरा परिवर्तन ला सकती है।
जन भोजन कार्यक्रम का वैश्विक प्रभाव
केप फ्लैट्स में दस लाख भोजन का यह मील का पत्थर एक व्यापक वैश्विक प्रभाव में भी योगदान देता है। 2006 में अपनी स्थापना के बाद से ‘फूड फॉर पीपल’ कार्यक्रम ने जिन समुदायों की सेवा की है, उनमें उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। यह स्वास्थ्य में सुधार कर रहा है, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ा रहा है और उन क्षेत्रों में मजबूत अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहित कर रहा है जो लगातार चुनौतियों का सामना करते रहे हैं।
स्वच्छ पेयजल और 8.5 मिलियन (85 लाख) से अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के अतिरिक्त, कार्यक्रम ने भारत, नेपाल और घाना में अपने दायरे का विस्तार करते हुए स्थानीय समुदायों के लिए कृषि, कंप्यूटर, सिलाई तथा अन्य उपयोगी कौशलों की निःशुल्क प्रशिक्षण कक्षाएँ भी आरंभ की हैं।
आने वाले वर्षों में सहयोगकर्ताओं के निरंतर समर्थन से यह कार्यक्रम दक्षिण अफ्रीका में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकसित और विस्तारित होने में सक्षम होगा।






